उत्तर प्रदेश l उत्तर प्रदेश में नजूल संपत्तियों को लेकर योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में बुधवार को हुई प्रवर समिति की पहली बैठक में प्रदेशभर की नजूल संपत्तियों का नए सिरे से सर्वे कराने का निर्णय लिया गया. सर्वे के दौरान नजूल भूमि पर अवैध कब्जे, फ्रीहोल्ड की गई संपत्तियों और अदालतों में लंबित मामलों की पूरी जानकारी जुटाई जाएगी. आवास एवं शहरी नियोजन विभाग के अधिकारियों को एक महीने के भीतर सर्वे पूरा कर रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया गया है. रिपोर्ट आने के बाद प्रवर समिति की अगली बैठक में नजूल संपत्ति विधेयक में संशोधन को लेकर आगे की चर्चा होगी. माना जा रहा है कि संशोधन संबंधी प्रस्ताव को विधान परिषद के शीतकालीन सत्र में रखा जा सकता है. प्रदेश में नजूल भूमि का बड़ा हिस्सा सरकारी संपत्ति के रूप में दर्ज है. अनुमान के मुताबिक उत्तर प्रदेश में करीब 75 हजार एकड़ नजूल भूमि है, जिसकी कीमत लगभग दो लाख करोड़ रुपये आंकी जाती है. सरकार के निर्देश पर होने वाले नए सर्वे में यह पता लगाया जाएगा कि कितनी जमीन पर अवैध कब्जा है, कितनी संपत्तियां फ्रीहोल्ड हो चुकी हैं और कितने मामले अदालतों या संबंधित प्राधिकरणों में लंबित हैं. बुधवार को विधानभवन के कक्ष संख्या-77 में हुई प्रवर समिति की बैठक में आवास विभाग की ओर से नजूल संपत्तियों को लेकर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया. समाजवादी पार्टी के सदस्य आशुतोष सिन्हा ने विधेयक में संशोधन का सुझाव देते हुए कहा कि कानून ऐसा होना चाहिए, जिससे वर्षों से वैध रूप से रह रहे नागरिकों, पट्टेदारों तथा गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के हितों की रक्षा हो. इसके साथ ही सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा और व्यवस्था में पारदर्शिता भी सुनिश्चित की जाए. वहीं राजबहादुर चंदेल ने नजूल भूमि का बेहतर तरीके से इस्तेमाल करने की बात रखी. विधान परिषद में नेता सदन केशव प्रसाद मौर्य ने प्रस्तावित विधेयक को जन उपयोगी बताया. बैठक में सभी सदस्यों के सुझाव सुनने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशभर की नजूल संपत्तियों का नए सिरे से सर्वे कराने का निर्देश दिया. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से अवैध कब्जों और अदालतों में लंबित मामलों का पूरा ब्योरा जुटाने को कहा. उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि सर्वे के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी नहीं होनी चाहिए. साथ ही प्रत्येक संशोधन प्रस्ताव का विधिक आधार पर परीक्षण कर अगली बैठक में प्रस्तुत करने को कहा.
