उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र का आज दूसरा दिन है। सोमवार को पहले दिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 111703.21 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। वर्तमान वित्तीय वर्ष की तुलना में इस बजट के आकार में 10.41 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। वहीं आज दूसरे दिन प्रश्नकाल होगा। आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट और कैग की सात रिपोर्ट सदन पटल पर रखी जाएंगी। इसके साथ ही चार अध्यादेश भी सदन पटल पर खे जाएंगे। 

  • मुख्यमंत्री, उत्तराखण्ड दुकान और स्थापना (रोजगार विनियमन और सेवा शर्त) (संशोधन) अध्यादेश, 2025 को सदन के पटल पर रखेंगे।
  •  मुख्यमंत्री, उत्तराखण्ड जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) अध्यादेश, 2025 को सदन के पटल पर रखेंगे।
  • मुख्यमंत्री, उत्तराखण्ड माल और सेवा कर (संशोधन) अध्यादेश, 2025 को सदन के पटल पर रखेंगे।
  • मुख्यमंत्री, उत्तराखण्ड समान नागरिक संहिता, उत्तराखण्ड (संशोधन) अध्यादेश, 2026 को सदन के पटल पर रखेंगे।
  • इस बार पक्ष-विपक्ष के विधायकों के 600 प्रश्न मिले हैं। आज प्रश्नकाल होगा जिसमें विधायकों के प्रश्नों से सदन गरमाएगा। कल सत्र के पहले दिन सड़क से सदन तक विपक्ष ने खूब हंगामा किया। सत्र शुरू होते ही विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया वहीं सड़कों पर भी प्रदर्शन किया। विपक्ष सदन की समययावधि बढ़ाने की मांग कर रहा है। वहीं, आज भी विपक्ष ने सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा, विपक्ष चाहता है कि बजट सत्र चले, लेकिन सरकार उसके सवालों से खुद को असहज महसूस कर रही है, यही वजह है कि वे इसे नहीं चलाना चाहती, हमें जब भी मौका मिलेगा हम सरकार से जवाब मांगेंगे।
  • नेता प्रतिपक्ष ने बातचीत में कहा, राज्य में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं। स्कूलों में शिक्षक और अस्पतालों में चिकित्सक नहीं हैं। पिछले कई साल से जमीनों पर काबिज लोगों को सरकार हटाना चाहती है। विपक्ष सरकार से भ्रष्टाचार, कानून व्यवस्था सहित तमाम मुद्दों पर सवाल करना चाहता है, लेकिन सरकार सत्र चलाना नहीं चाहती। स्थिति यह है कि पंचम विधानसभा में अब तक मात्र नौ सत्र हुए। नेता प्रतिपक्ष ने कहा, विपक्ष चाहता है कि सत्र चले, इसे चलाने में उसका सरकार को पूरा सहयोग मिलेगा।

By SANOOJ

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